दिव्यांगों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यूनतम कट ऑफ़ मार्क्‍स कम करेगी झारखंड सरकार

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि सरकारी प्रावधान के तहत नियुक्ति में दिव्यांगजनों को तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है लेकिन ‘कट ऑफ मार्क्स’ ज्यादा होने के कारण इनके पद खाली रह जाते हैं जिसे देखते हुए राज्य सरकार अब दिव्यांगों की नियुक्ति में ‘कट ऑफ मार्क्स’ घटायेगी।

दास ने कहा कि यह कट ऑफ मार्क एससी व एसटी प्रतियोगियों के कट ऑफ मार्क्स से भी कम होगा। मुख्यमंत्री ने यह बात आज सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित सुगम्य भारत अभियान के जागरूकता कार्यशाला के उदघाटन के अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के सात लाख दिव्यांगजनों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए सरकार काम कर रही है। हमें दिव्यांगों के प्रति दया या उपकार का नहीं, बल्कि अपनेपन का भाव रखना चाहिए। दास ने कहा कि विकास के लिए दृष्टि नहीं दृष्टिकोण की जरूरत है। राज्य में नये बनने वाले सारे भवनों को दिव्यांगजनों की सुविधा का ख्याल रखकर ही डिजाइन तैयार कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रावास बनाने को लेकर जल्द ही भारत सरकार को प्रस्ताव भेजेगी, ताकि जिला मुख्यालय में इन वर्गों के लिए छात्रावास खोला जा सके। छात्रावास के लिए जैसे ही प्रस्ताव आयेगा, राज्य सरकार एक सप्ताह में जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।

उन्होंने मंत्रालय से आग्रह कि दीपावली से पहले झारखंड में कैंप लगा कर दिव्यांगजनों के बीच उनके लिए विशेष उपकरणों का वितरण किया जाये।

इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थंवरचंद्र गहलोत ने कहा कि दिव्यांगों के लिए झारखंड में कंपोजिट रिजनल सेंटर (सीआरसी) खोला जायेगा। इसमें दिव्यांगों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं मिलेंगी। झारखंड सरकार की ओर से भवन या जमीन उपलब्ध कराये जाने के बाद जल्द ही यह सेंटर खोल दिया जायेगा।