रायबरेली के ARTO आफिस में मची है अंधेरगर्दी, दलालों के बिना नहीं होता है कोई काम

रायबरेलीः प्रदेश सरकार भले ही भ्रस्टाचार मुक्त प्रशासन देने की बात करती हो पर रायबरेली के एआरटीओ आफिस में  भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं टूट गई है। अगर कोई भी पत्रकार कार्यालय कैमरा लेकर कवरेज करने पहुंच जाता है तो कार्यालय के अंदर बैठे दलालों में भगदड़ मच जाती है। कर्मचारी कैमरा देख मीडिया कर्मियों से ही अभद्रता करने लगते हैं। आपको बता दें कि यह दफ्तर 12 बजे के बाद ही खुलता है।

दरअसल रायबरेली का एआरटीओ आफिस शहर से 7 किलोमीटर दूर है, जिसके चलते यहां के कर्मचारी आराम से कार्यालय पहुचते हंै। उनका काम वहां मौजूद स्टॉफ ही करता पाया जाता है। यहीं नहीं दूर दराज से आये लोगों को इतना प्रताड़ित कर दिया जाता है कि उनको मजबूरन दलाल के चंगुल में फंस कर ही अपना काम करवाना पड़ता है। इन सब समस्याओं की कवरेज करने जब एआरटीओ कार्यालय पत्रकार पहंुचे तो वहां भगदड़ सी मच गई। वहां तैनात बाबू ताराचंद के कक्ष में दलालों के जमावड़ा लगा रहा। जैसे ही मीडिया कर्मियों ने कैमरा चलाया दलाल भाग खड़े हुए तो वही बाबू ने अपनी ऊपरी कमाई न होने से आक्रोशित होकर पत्रकारों से अभद्रता शुरू कर दी। 

आप को बता दें कि आरटीओ कार्यालय के अंदर और बाहर दोनों जगह दलाल अपनी जड़ें जमाये हुए हैं। दूर दराज से आये लोगो का यहाँ तक कहना है कि यह दफ्तर 12 बजे के बाद खुलता है और मजबूरन हम लोगो को दलालों के चक्कर मे फंस कर अपना कार्य करवाना पड़ता है।

यहीं नहीं इस दफ्तर में जरूरी फाइलें इधर उधर पड़ी रहती है चाहे जो आये और लेकर चंपत हो जाये, इस पर विभाग को कोई लेना देना नही है।