मुश्किल में समधी- "हिमाचल में चुनाव की कसौटी पर रिश्‍ते नाते"

धर्मशाला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कहीं रिश्‍तेदार आमने सामने थे तो कहीं संबंधियों को ही पार्टी टिकट मिले थे। इस नजरिये से पिता पुत्र की जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। अर्की से मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह चुनाव लगभग जीत चुके हैं, जबकि शिमला ग्रामीण से उनके पुत्र विक्रमादित्‍य सिंह भी जीत दर्ज करने वाले हैं। शिमला ग्रामीण सीट वीरभद्र सिंह की सीट थी लेकिन इस बार उन्‍होंने सोलन जिले के अर्की से लड़ने का फैसला लिया और यह सीट पुत्र के लिए छोड़ दी थी। विक्रमादित्‍य सिंह युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्‍यक्ष भी हैं।

मुश्किल में समधी

हमीरपुर जिले के सुजानपुर से भाजपा का मुख्‍यमंत्री चेहरा प्रेम कुमार धूमल अभी तक कांग्रेस के प्रत्‍याशी राजिंद्र राणा से पीछे चले हुए हैं जबकि उनके समधी यानी बीसीसीआइ के पूर्व अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर के ससुर भाजपा प्रत्‍याशी गुलाब सिंह भी जोगेंद्रनगर सीट पर एक आजाद उम्‍मीदवार प्रकाश राणा से हार रहे हैं।

न बेटी जीत पाई न पिता

मंडी सदर से कांग्रेस प्रत्‍याशी चंपा ठाकुर को कांग्रेस ने नामांकन के लिए एक ही दिन बचा होने पर उतारा था। वह कांग्रेस से भाजपा में गए अनिल शर्मा से हार गई हैं। अनिल शर्मा सुखराम के पुत्र हैं जबकि चंपा ठाकुर कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे ठाकुर कौल सिंह की बेटी हैं। इस बार कौल सिंह भी अपने परंपरागत हलके द्रंग से हार रहे हैं। उन्‍हें भाजपा के जवाहर ठाकुर शिकस्‍त दे रहे हैं।

सोलन में सुसर ने दामाद को पछाड़ा

कांग्रेस सरकार में मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने सोलन सीट से दामाद और भाजपा प्रत्‍याशी डॉ. राजेश कश्‍यप को हरा दिया है।