मिलिए गूगल और लिंक्डइन के हैकर से

कहा जाता है कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहींI भावनाओं को व्यक्त करना और उसेकर दिखने की सोच एक इंसान को सशक्त बनाती है और इन्ही बातो को कुछ लोग अपने अन्दर जीवित रखते हैं I ऐसी ही एक हस्ती हमारे बीच मौजूद है जिन्होंने अपना नाम अपने कर्मो और विचारों से बनाया हैI श्रीमान परेश नंदा जी जिनकी नई और रचनात्मक सोच ने बहुत कुछ नयाकर दिखाया हैI इनका सोशल मीडिया का अनुभव, समझ, और लोगों से बहुत ऊपर हैI हर चीज़ को जांच परखने के बाद एक विश्लेषण करने की समझ इनमें अद्भुत हैI

परेश नंदाजी सोशल मीडिया के साथ और भी कलाओं में माहिर हैI जिनमे से एक कला है हैकिंगI हाल ही में उन्होंने गूगल ऐडसेंस जो गूगल द्वारा चलाया जाने वाला एक प्रोग्रामे है जिसके माध्यम से गूगल पर विज्ञापन दिए जा सकते हैंI गूगल ऐडसेंस में लॉग इन करना एक रोबोटिक प्रोसेस है लेकिन उसी क्रम को हैककर दिखाया है नंदा जी नेI उन्होंने गूगल ऐडसेंस को कुछ इस प्रकार हैक किया है की उसमे लॉग इन करने का दिन और समय बदला जा सकेI उन्होंने ३१ दिसम्बर १९६९ का लॉग इन पहले ही कर रखा है जो उनकी खूबी को दर्शाता हैI

नंदा जी संभावनाओं में विश्वास करने वाले व्यक्ति हैं और इन्ही संभावनाओं के साथ उन्होंने लिंक्डइन हैक कर दिखाया जो कॉर्पोरेट जगत में बहुत ही जाना माना एप्लीकेशन हैI वह किसी के भी प्रोफाइलमें उनके कनेक्शंस को 10 की संख्या में बढ़ा सकते हैंI लेकिन सबसे अनोखी बात यह है की जिन कनेक्शंस को वह 10 की संख्या में ऐड करेंगे वह असल में प्रोफाइल में एडेड नहीं होंगेI

नंदा जी ने इसके अलावा राधे माँ का एक एंड्राइड एप्लीकेशन भी डेवेलोप किया है जो राधे माँ की चौकियों से जुडी हर जानकारी देता हैI फेसबुक पर भी नन्दा जी ३०० से अधिक पेजेस के एडमिन हैI उनके नाम बहुत से बड़े ब्रांड्स और लोकेशंस के # हैश टैग्सभी हैI करीब १७०० करोड़ व्यापार ब्रॉडकास्ट और सोशल मीडिया इंडस्ट्री में उत्पन्न होता है जिसमें नंदा जी अपनी रणनीतियों से मार्किट में बढ़ोतरीकर सकते हैi इनके अत्याधिक गुण आगे चलकर ब्रॉडकास्ट और सोशल मीडिया को भारी मुनाफा दिला सकते हैं I

नंदा जी एक बीएससी-आयटी ग्रेजुएट हैं जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग को अपना करियर चुना Iवह इंडिपेंडेंट स्ट्रेटेजिक एनालिस्ट हैं जिनकी विशेषज्ञता सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में हैI उन्हें टेक्नोलॉजी से बहुत लगाव है और वह हमेशा नई चीजों को सीखने के लिए तत्पर रहते हैं I वह कहते हैं “ज्ञान अनंत है और उसे सीखने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती”I

उनका मानना है कि हमेशा इंसान को सफल नहीं बल्कि मूल्यवान इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए इसलिए नंदा जी ने डिजिटल एम्बुलेंस भी शुरू करने की बात कही I जिस तरह कैब्स ऑनलाइन बुक की जाती है उसी तरह इस एम्बुलेंस की भी बुकिंग की जा सकेगीI यह लोगो की सेवा के लिए होगी जो आसानी से अस्पताल पहुँचाने में मदत करे गी