उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी एकेडमिक और हॉस्टल ब्लॉक का उद्घाटन किया

देश के उप राष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी-एपी यूनिवर्सिटी के अमरावती में स्थित एकेडमिक और हॉस्टल ब्लॉक का उद्घाटन किया। आपको बताते चले कि आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अब अमरावती है। 

इस मौके पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने के लिए ही नहीं है बल्कि शिक्षा का असली मकसद ज्ञान का विस्तार करना और सशक्तीकरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भाग्य एक क्लॉस रूम में आकार लेता है।

श्री वैंकेया नायडू ने कहा कि वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी ने कम समय में ही अपनी ब्रांड इक्विटी बना ली है। अच्छे शहरों की सबसे अच्छी खसियत उसके अच्छे शैक्षिक संस्थान ही होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा से शिक्षा का महत्व दिया गया और आंध्र प्रदेश एजुकेशनल हब को लेकर हमेशा से लेकर देश में अग्रणी रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद उद्धार, उद्बोधन, सशक्तीकरण, अनुभूति, नौकरी के साथ—साथ चरित्र निर्माण और एक संपूर्ण व्यक्ति को बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि हर किसी को पारंपरिक संस्कारों और संस्कृति को आगे ले जाना चाहिए जिससे एक वाइब्रेंट सोसायटी का निर्माण हो सके। श्री वैंकेया नायडू ने जोर देते हुए कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक बुराइयों को खत्म करना किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति, रंग, भेद, धर्म और लिंग को अलग छोड़कर सब को देश के विकास के लिए एक साथ आना चाहिए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन चंद्र बाबू नायडू ने कहा कि वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी की अमरावती में स्थापना इस उद्देश्य से की गई है जिससे उच्चतम स्तर के शैक्षिक अनुभवों को साझा किया जा सके।

चंद्रबाबू नायडू ने वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी की स्थापना का काम बहुत तेजी से करने पर तारीफ करते हुए कहा कि इससे आंध्र प्रदेश के छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि वीआईपी-एपी आंध्र प्रदेश को नॉलेज हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ चला है। इस मौके पर उन्होंने उन सभी किसानों को धन्यवाद दिया जि​न्होंने नई राजधानी बनाने के लिए अपनी जमीनें दी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के समर्थन के चलते ही 33,500 एकड़ जमीन सरकार को प्राप्त हो सकी है। इस मौके पर वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी के चांसलर, वाइस चांसलर, स्थानीय विधायक, सांसद और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। 

वीआईटी-एपी कैंपस में चलने वाले कार्यक्रम

बीटेक इन कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर साइंस डाटा एनॉलिटिक्स, कंप्यूटर साइंस नेटवर्किंग एंड सिक्योरिटी, ईसीई, ईसीई एंबेडेड सिस्टमस, ईसीई वीएलएसआई और मै​केनिकल इंजीनियरिंग।

एम टेक इन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग 5-इयर इंट्रीग्रेटेड, 12वीं कक्षा के बाद सीधे दाखिला, प्रवेश परीक्षा नहीं 

पीएचडी इन इंजीनियरिंग, साइंस, मैनजमेंट, हयूमनिटीज

वीआईटीईईई के जरिए देश के चार कैंपसों में एडमिशन के लिए 4 और 15 अप्रैल, 2018 को प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। प्रवेश परीक्षा के जरिए वेल्लोर, चेन्नई, भोपाल और अमरावती के कैंपस में मिलेगा एडमिशन। देश भर में 124 स्थानों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा के जरिए मिलेगा प्रवेश।

इसके प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र देश भर के 30 पोस्ट आॅफिस मुख्यालयों और चार कैंपसों से 1200 रुपये का डिमांड ड्रॉफ्ट बनाकर लिया जा सकता है। वहीं जो लोग आॅनलाइन आवेदन करना चाहते हैं वो www.vit.ac.in पर फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2018 है।

इस मौके पर वीआईटी के चांसलर डॉ जी विश्वनाथन ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर वीआईटी के वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथ, डॉ सेकर विश्वनाथन, श्री जी वी सेल्वम, वीआईटी—एपी के वाइस चासंलर डॉ सुभाकर, वीआईटी एपी की कार्यकारी निदेशक संध्या पेंटा रेड्डी, सहायक उपाध्यक्ष कादांभरी एस विश्वनाथन ने भी हिस्सा लिया। 

वीआईटी-एपी कैंपस की खासियत

200 एकड़ में फैला कैंपस

एप्लीकेशन ओरिएंटेड एकेडमिक्स

 

इंजीनियरिंग क्लीनिक्स

फुली फ्लेक्सीबल क्रेडिट सिस्टम

मेंडेट्री इंटर्नशिप एक्सपीरियंस

इंटरनेशनल ट्रांसफर प्रोग्राम और सेमेस्टर अब्रॉड प्रोग्राम की व्यवस्था 

वाइब्रेंट कैंपस लाइफ 

आॅन-कैंपस हॉस्टल अति आधुनिक सुविधाओं के साथ

प्लेसमेंट की सुविधा

अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: www.vitap.ac.in