एक योग बनाए निरोग : पावर योगा

आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में किसी के पास वक़्त नहीं है अपने  स्वास्थ  पर ध्यान देने के लिए ,ज्यादा से ज्यादा वक़्त काम में निकल जाता है, और हम थक हार कर यूँ ही सो जाते है।  परिणाम यह होता है की हम कई बिमारियों और मोटापे से ग्रसित हो जाते है। मोटापा कई बिमारियों का घर होता है।

 

 हमें अपने इस भागमभाग वाली ज़िन्दगी से अपने लिए कुछ वक़्त निकलना ही होगा अगर हम चाहते है ,कि हमें स्वस्थ होना है फिट रहना किसे नहीं पसंद। सुन्दर, सुडौल और स्वस्थ शरीर सभी चाहते हैं। आज हमारी युवा पीढ़ी ख़राब लाइफस्टइल की वजह से कई ढेर सारी बिमारियों का शिकार उम्र से पहले ही बन रही हैं। इसलिए उनके इस परेशानी को हल करने का सबसे अच्छा तरीका है "पावर योगा"

 

यह योग कई आसनों से मिलकर बनाया गया है। इसमें सूर्य नमस्कार के १२ आसन भी समाहित है।जो निम्नलिखित है:-

1.प्रणामासन: पहले सीधे खड़े हो जाएँ। फिर दोनों हाथों को कंधे के समानांतर उठायें। दोनों हथेलियों को ऊपर की ओर ले जाएँ। हथेलियों के पृष्ठ भाग एक-दूसरे से चिपके रहें। फिर उन्हें उसी स्थिति में सामने की ओर लाएँ। तत्पश्चात नीचे की ओर गोल घुमाते हुए नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएँ।

2. हस्तउत्तानासन: अब गहरी श्वास भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। अब हाथों को कमर से पीछे की ओर झुकाते हुए भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएँ।

3. हस्तपादासन: इस स्थिति में आगे की ओर झुकतें हुए श्वास को धीरे-धीरे बाहर निकालें। हाथों को गर्दन के साथ, कानों से लगाते हुए नीचे लेकर जाएँ और हाथों से पृथ्वी का स्पर्श करें। अब कुछ क्षण इसी स्थिति में रुकें और घुटनों को एक दम सीधा रखें।

4. अश्वसंचालासन: इस स्थिति में हथेलियों को भूमि पर रखें। श्वास को लेते हुए दायें पैर को पीछे की ओर ले जाएँ। अब गर्दन को ऊपर की ओर उठाएँ। अब इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें।

5. अधोमुखश्वानासन: इस स्थिति में श्वास को धीरे-धीरे छोड़ते हुए बायें पैर को पीछे की ओर ले जाएँ। ध्यान रहें इस स्थिति में दोनों पैरों की एड़ियाँ परस्पर मिली हुई हों। अब गर्दन को नीचे झुकाकर ठोड़ी को कंठ में लगाने का प्रयास करें।

6. अष्टांगनमस्कारासन: इस स्थिति में धीरे धीरे श्वास लें और शरीर को पृथ्वी के समानांतर रखें जैसे आप दंडवत प्रणाम के समय होते हैं, ठीक उसी के प्रकार शरीर को पृथ्वी के समानांतर रखें। अब घुटने, छाती और ठोड़ी पृथ्वी पर लगा दें। छाती को थोड़ा ऊपर उठायें। अब धीरे धीरे श्वास छोड़े।

7. भुजंगासन: इस स्थिति में धीरे-धीरे श्वास को लेते हुए छाती को आगे की ओर खींचे। हाथों को सीधे रखें, हथेलियां पृथ्वी पर लगी हों। अब गर्दन को धीरे धीरे पीछे की ओर ले जाएँ। घुटने पृथ्वी का स्पर्श करें तथा पैरों के पंजे खड़े रहें।

8. अधोमुखश्वानासन: यह स्थिति पांचवीं स्थिति के समान है। इस स्थिति में श्वास को धीरे-धीरे छोड़ते हुए बायें पैर को पीछे की ओर ले जाएँ। ध्यान रहें इस स्थिति में दोनों पैरों की एड़ियां परस्पर मिली हुई हों। अब गर्दन को नीचे झुकाकर ठोड़ी को कंठ में लगाने का प्रयास करें।

9. अश्वसंचालासन: यह स्थिति चौथी स्थिति के समान है। इस स्थिति में हथेलियों को भूमि पर टिकाएं। श्वास को लेते हुए दायें पैर को पीछे की ओर ले जायें। अब गर्दन को ऊपर उठाएँ। अब इस स्थिति में कुछ समय तक रुकें।

10. हस्तपादासन: यह स्थिति तीसरी स्थिति के समान हैं। इस स्थिति में आगे की ओर झुकतें हुए श्वास को धीरे-धीरे बाहर निकालें। हाथों को गर्दन के साथ, कानों से लगाते हुए नीचे लेकर जाएँ और हाथों से पृथ्वी का स्पर्श करें। अब कुछ क्षण इसी स्थिति में रुकें और घुटनों को एक दम सीधा रखें।

11. हस्तउत्तानासन: यह स्थिति दूसरी स्थिति के समान हैं। इसमें धीरे धीरे श्वास भरते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाते हुए ऊपर की ओर तानें तथा भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकायें।

12. प्रणामासन: यह स्थिति पहली स्थिति के समान रहेंगी।

यह भी एक योग के तरह ही है। जिसके लिए आपको सिर्फ अपने दिन के ४५ मिनट देने हैं। पावर योगा से अधिक कैलोरी बर्न होता है, और खूब सारा पसीना आता है। पावर योग मोटापा काम करने के साथ ही साथ शरीर में ताकत, लचीलापन बढ़ता है, इससे हमारे शरीर का ब्लड सर्क्युलेशन बढ़ता है और शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। पावर योगा से अधिक पसीना बहार आता है। जिससे की हमारे शरीर की गन्दगी पसीने द्वारा बहार निकलती है।  इससे तनाव और अवसाद भी दूर होता है। १ घंटे पावर योगा करने से कम से कम २०० कैलोरी बर्न होता है।