अध्यात्मवाद का वास्तविक अर्थ जिन्दगी में बदलाव है:


                                                                                                                                                                     एस. एस. नशीला

चण्डीगढ़ 10 सितम्बर: यदि इन्सान के आचरण में, उसकी मानसिक अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आया तो उसे अध्यात्मिकक्षेत्र में जाने का कोई लाभ नहीं, क्योंकि अध्यात्मवाद को इन्सान के जीवन में  परिवर्तन लाने के लिए ही बनाया गया है इसलिए उसके जीवन में परिवर्तन आना बहुत जरूरी है, ये उद्गार आज यहां देहली से आए केन्द्रीय प्रचारक श्री एस. एस. नशीला ने यहां सैक्टर 30-ऐ में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में हुए विशाल सत्संग समारोह में हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए ।
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                श्री नशीला ने आगे कहा कि बाबा हरदेव सिहं जी महाराज द्वारा और आज सत्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी महाराज यही अध्यात्मवाद का रास्ता दिखा रहे है और इस रास्ते पर चलकर इन्सान वास्तविक आन्नद को प्राप्त कर अपने जीवन के मुख्य उदश्य को पूर्ण कर लेता है   

                श्री नशीला ने कहा कि ब्रहम्ज्ञान से ही विवक और विकास की प्राप्ति हो सकती है धार्मिक ग्रन्थों का हवाला देते हुए उन्होने आगे कहा कि परमात्मा हर स्थान पर विराजमान है और इसकी पहचान भी पूर्ण सत्गुरू की शरण में आकर की जा सकती है लेकिन आज का इन्सान दुनियावी शिक्षाओं और डिग्रियों को हासिल कर लेने के कारण किन्तु-परन्तु और तर्क-वितर्क में पड़ा हुआ है, और इसकी पहचान कर पाने से वंचित है ।
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                इससे पूर्व श्री के. के. कश्यप जिन्हें यहां का ज़ोनल इन्चार्ज  ने नशीला जी का देहली से यहां पधारने पर सभी की ओर से स्वागत व धन्यवाद किया व  इस अवसर पर यहां के संयोजक श्री नवनीत पाठक भी उपस्थित थे ।

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