एसएचजी को मिलेगा प्रशिक्षण व ऋण

गढ़वा : मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विकास योजना के तहत गरीब विकास मेला का आयोजन बुधवार को वन विभाग के प्रांगण में किया गया़  इसका उदघाटन उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने किया. गरीब मेला में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाये थे, जहां से परिसंपतियों का भी वितरण किया गया़  इस  अवसर पर अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि जिन परिसंपत्तियों का वितरण किया जा रहा है, उसे सामूहिक उपयोग में लाये़ं  व्यक्तिगत उपयोग से वह खास व्यक्ति तक सिमट कर रह जाता है, जबकि सामूहिक उपयोग से समाज का विकास होता है़ उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह जिस प्रकार का व्यवसाय करना चाहते हैं, उससे संबंधित प्रशिक्षण व कीट का वितरण उनके बीच किया जायेगा़  उन्होंने कहा कि जब एक महिला स्वावलंबी होती है, तो पूरा परिवार स्वावलंबी बन जाता है़  अपने संबोधन में जिप उपाध्यक्ष रेखा चौबे ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए बहुत सारी योजनाएं चला रही हैं, इसका लाभ उठा कर अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए़   गरीब मेला का आयोजन काफी सराहनीय है़  इस प्रकार के आयोजन से एक साथ कई सारे विभागों की जानकारी एक साथ ग्रामीणों को उपलब्ध हो जाती है़   

उपविकास आयुक्त जगत नारायण प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन गढ़वा के विकास के लिए लगातार काम कर रही है़   सभी लोगों के सहयोग से ही विकास कार्य संभव हो सकेगा़   इस अवसर पर गढ़वा नगर परिषद उपाध्यक्ष अनिल पांडेय, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी ने भी संबोधित किया़ कार्यक्रम का संचालन सियाजानकी सिंह एवं मिथिलेश कुमार ने किया़ जो परिसंपत्तियां बांटी गयी विकास मेले में विभिन्न बैंकों की ओर से 288 लोगों के बीच 236.06 लाख रुपये के ऋण का वितरण किया गया़ इसमें एसएचजी के 80 लाभुकों के बीच 40.50 लाख, केसीसी के 123 लाभुकों के बीच 60.31 लाख, मुद्रा ऋण के रूप में 79 के बीच 74.40 लाख रुपये, शिक्षा ऋण के रूप में चार लोगों के बीच 10.05 लाख रुपये तथा दो लोगों को अन्य ऋण के रूप में 50 लाख रुपये का वितरण किया गया़  इसी तरह कल्याण विभाग की ओर से 18 लाभुकों के बीच अजजा ग्राम विकास योजना के तहत स्वरोजगार के लिए दो-दो लाख रुपये का चेक, डीआरडीए की ओर से 21 एसएचजी को 15-15 हजार रुपये के परिक्रमी निधी की राशि, कन्यादान के पांच लाभुकों को 30-30 हजार रुपये का चेक, मत्स्य विभाग द्वारा पांच मछुआरों के बीच जाल व जीरा का वितरण, श्रमविभाग द्वारा चार मजदूरों के बीच श्रमिक कीट का वितरण किया गया़