कई चर्चित मामलों में फैसला देने वाले जस्टिस दीपक मिश्रा बने चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया

नई दिल्लीः जस्टिस दीपक मिश्रा को आज देश के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को उन्हें देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाई। जस्टिस दीपक मिश्रा ने चीफ जस्टिस जेएस खेहर की जगह ली है। जस्टिस दीपक मिश्रा को कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए जाने के कारण जाना जाता है। इनमें सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के गायन को अनिवार्य करने का फैसला काफी चर्चा का विषय बना था। 
जस्टिस दीपक मिश्रा तीन अक्टूबर 2018 को रिटायर होंगे। दीपक मिश्रा भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बनने वाले ओडिशा की तीसरे न्यायाधीश होंगे।

जस्टिस दीपक मिश्रा के बारे में जानें

-जस्टिस दीपक मिश्रा का जन्म 3 अक्टूबर 1953 को हुआ था। 14 फरवरी 1977 में उन्होंने उड़ीसा हाईकोर्ट में पहली बार प्रैक्टिस शुरू की थी। 
-1996 में उन्हें उड़ीसा हाईकोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया और बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट उनका ट्रांसफर किया गया।
-2009 के दिसंबर में उन्हें पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। फिर 24 मई 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस उनका ट्रांसफर हुआ।
-10 अक्टूबर 2011 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। पिछले साल 3 मई को जस्टिस दीपक मिश्रा ने आपराधिक मानहानि से संबंधित कानूनी प्रावधान के संवैधानिक वैधता को सही ठहराया था।

कई चर्चित केसों में सुनाया फैसला

-30 नवंबर 2016 को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि पूरे देश में सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाए। 
-मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी की सजा जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने ही सुनाई थी। आजाद भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में रात भर सुनवाई चली थी। 
-इसी साल 5 मई को बहुचर्चित निर्भया गैंग रेप केस में तीनों दोषियों की फांसी की सजा को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने बरकरार रखा था।
-जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में स्पेशल बेंच बनी है जो अयोध्या मामले की सुनवाई करेंगी। इसके अलावा बीसीसीआई रिफार्म, सहारा सेबी मामला भी जस्टिस मिश्रा की बेंच सुन रही है।