सिंचाई मंत्रीजी, विनाश काले विपरीत बुद्धि की कहावत तो सुनी होगी

लखनऊ मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। जब अच्छे कार्यों को दिखाया जाता है तो मंत्रियों को मीडिया अच्छा लगता है लेकिन जब उनके काले कारनामों को पेश किया जाता है तो उन्हें मीडिया से चिढ़ हाेने लगती है। ऐसा ही हाल योगी सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का हो गया है। जब समाचार प्लस ने सिंचाई मंत्री के काले कारनामों का कच्चा चिठ्ठा खोलना शुरू किया तो उन्हें समाचार प्लस के नाम और आईडी से चिढ़ होने लगी है।
आज राजधानी में एक कार्यक्रम के दौरान जब सिंचाई मंत्री ने समाचार प्लस की आईडी देखी तो उन्होंने आईडी को हटाने के निर्देश जारी कर दिए। मंत्रीजी का कहना था कि अगर समाचार प्लस की आईडी रहेगी तो वे प्रेस से बात नहीं करेंगे। मंत्रीजी को समाचार प्लस सिर्फ यह कह सकता है कि विनाश काले विपरीत बुद्धि की कहावत 
समाचार प्लस ने सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के कई काले कारनामों को उजागर किया है। इससे भिन्नाए धर्मपाल सिंह ने समाचार प्लस को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है।

कई काले कारनामों में शामिल है धर्मपाल सिंह

-एक ओर सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है तो दूसरी ओर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की इंतहा पार कर ली।
-अपने विभाग में अपने खास सेवादार को जेई बना दिया। बाबू से प्रोमोट कर जेई बना दिया। जेई अजय यादव पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप है।

अपने सेवादार को बाबू से जेई बना दिया

- अजय यादव गोमती रिवर फ्रंट के भ्रष्टाचार में शामिल है। उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। इसके बावजूद उन्हें दो सब-डिवीजन का चार्ज दे दिया गया।
-यह खबर समाचार प्लस में दिखाई गई तो सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह बिफर गए। उन्होंने अपने पीआरओ सुमित के जरिए मीडिया पर आरोप लगाया 
- सूबे की जनता बाढ़ से त्राहि त्राहि कर रही है, लेकिन सिंचाई मंत्री अपनी आलीशान कोठी बनवाने में व्यस्त हैं। लखनऊ के बाद अब बरेली में धर्मपाल आलीशान कोठी बनवा रहे है। 
-कोठी ऐसी जिसे देखकर ऐसा लगता है कि ये किसी महल से कम नही होगी। चार महीने पहले सिर्फ दो कमरे बने थे। मंत्री बनने के बाद कोठी बना दी।