सिरफिरे आशिक ने काटा था 12 वर्षीय मासूम का हाथ, KGMU के डॉक्टर्स बने 'भगवान', जोड़ा हाथ

लखनऊ. लखीमपुर खीरी में बीच बाजार में एक सरफिरे आशिक ने 12 साल की मासूम लड़की का हाथ काटकर अलग कर दिया था। इसके बाद नाबालिग को इलाज के लिए लखनऊ लाया गया था। जिसके बाद राजधानी के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टरों की टीम ने उस किशोरी का हाथ सर्जरी कर जोड़ दिया।

 

11 घंटे से ज्यादा समय तक चला ऑपरेशन 

-लखीमपुर खीरी में 23 अगस्त को एक आशिकमिजाज युवक ने 12 साल की किशोरी पर तलवार से हमला कर उसका हाथ काट दिया था।

-जिसके बाद किशोरी को गंभीर हालत में लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। 

-किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इस किशोरी को बुधवार की रात 9 बजे भर्ती करवाया गया था। 

-इसके बाद किशोरी के कटे हाथों को जोड़ने के लिए रात 10 बजकर 30 मिनट पर ऑपरेशन शुरू किया गया। 

-यह ऑपरेशन ग्यारह घंटे से अधिक समय तक चला।

 

क्या बोले डॉक्टर 

-डॉक्टरों की टीम में ट्रामा यूनिट के न्यूरोसर्जरी के चिकित्सक, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ ऋचा वर्मा, डॉ नेहा गुप्ता और टीम के अन्य लोगों ने रात में मोर्चा संभाला। 

-डॉ बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में उनकी 6 सदस्यीय टीम ने कटे हुए हाथ के प्रत्यारोपण का काम शुरू किया और ग्यारह घंटे की मेहनत के बाद कटे हुए हाथ को जोड़ दिया। 

-इस किशोरी का बायां हाथ कलाई के पास से पूरी तरह अलग था जबकि दाहिना हाथ कोहनी के पास से बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। किशोरी के सिर पर गंभीर घाव और चोट थे। 

-प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ए के सिंह के मुताबिक मरीज के हाथों की शल्य चिकित्सा के बाद इसकी एक सप्ताह तक निगरानी की जाएगी। 

-उन्होंने बताया कि आपरेशन की पूरी तरह सफलता के बारे में एक सप्ताह बाद ही कोई दावा किया जा सकेगा।