जंजीर में जकड़ी लड़की अौरंगाबाद से बोकारो पहुंची

जंजीरों में जकड़ी गई एक किशोरी बिहार के अौरंगाबाद से किसी तरह अपने चाचा की कैद से मुक्त होकर झारखंड के बोकारो पहुंच गई। कोर्ट परिसर के पास वह बदहवाश हाल में पड़ी थी। अधिवक्ता संतोष कुमार श्रीवास्तव ने उसे महिला पुलिस को सौंप दिया। महिला थानेदार संगीता ने किशोरी को खाना खिलाने के बाद सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत किया। वहां से उसे महिला पुलिस के माध्यम से मानव सेवा आश्रम भेज दिया गया है।

किशोरी अपना नाम यास्मीन बता रही है। उसने बयान दिया है कि पिता के इंतकाल के बाद उसके चाचा जुल्म ढाने शुरू कर दिए। मारपीट की असहनीय पीड़ा से बचने के लिए उसने घर से बाहर कदम रखने की कोशिश की तो उसे जंजीरों में जकड़ दिया गया। किसी प्रकार वह बचते हुए घर से बाहर निकली और बस में चढ़कर बोकारो पहुंच गई। 

खाला की तलाश : किशोरी ने बताया कि उसकी खाला बोकारो में कहीं रहती हैं। वह उनके पास जाना चाहती है। उसने बस वाले को अपनी दुखभरी कहानी सुनाई और यहां तक आ गई। अब उसे बोकारो में खाला की तलाश है।