चीन को मुँह तोड़ जबाब देने के लिए भारत सरकार की तैयारी शुरू

नई दिल्ली. भारत ने डोकलाम विवाद को देखते हुए भारत-चीन सीमा पर रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण में तेजी लाने का फैसला लिया है। इसके लिए मंत्रालय ने सीमा सड़क संगठन के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों में बढ़ोतरी की है। अब इन परियोजनाओं का काम तेजी से किया जाएगा। 

 

-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना चीन सीमा पर सड़क परियोजनाओं में देरी से नाखुश थी और रक्षा मंत्रालय से इन्हें तेजी से पूरा करने की मांग की थी।

-बताया जा रहा है कि भारत-चीन सीमा सड़क परियोजना के तहत कुल 3,409 किलोमीटर लंबी सड़कें बननी हैं।

-इन परियोजनाओं को 2012 में पूरा करना था। जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। 

-ऐसे में सेना ने मांग की थी कि इन परियोजनाओं का काम तेजी से कराया जाएगा। जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। 

-रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारों के अतिरिक्त सरकार ने बीआरओ के महानिदेशक को 100 करोड़ रुपये तक की खरीदारी का वित्तीय अधिकार दिया है। 

-इसमें स्वदेशी और आयातित निर्माण कार्य मशीनरी और साजोसामान दोनों शामिल हैं।

-इससे पहले डीजी को केवल 7.5 करोड़ रुपए के स्वदेशी और तीन करोड़ रुपए के आयातित सामान की खरीदारी का अधिकार था। 

-इसके अलावा बीआरओ को सड़क परियोजनाओं के लिए बड़ी निर्माण कंपनियों को शामिल करने का फैसला लेने की भी मंजूरी दी गई।

 

-बता दें कि पिछले 2 महिने से डोकलाम सीमा को लेकर भारत और चीन का विवाद हो रहा है। 

-चीनी मीडिया भारत को कई बार युद्ध करने की धमकी दे चुकी है।