लालू की विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों को एक बार फिर लगा धक्का

नई दिल्लीः 2019 लोकसभा चुनाव में एनडीए और नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों को एक बार फिर धक्का लगा है। आज सुबह बसपा अध्यक्ष मायावती की एक बड़ी तस्वीर लगा पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें मायावती के अलावा अखिलेश यादव, सोनिया गांधी, लालू यादव, शरद यादव, ममता बनर्जी भी दिख रही हैं। शाम होते होते बीएसपी के महासचिव सतीश मिश्रा ने पोस्टर को फर्जी बता दिया। पोस्टर में सामाजिक न्याय के लिए विपक्ष को एकजुट होना चाहिए।  शाम को बसपा की ओर से बताया गया कि पार्टी अध्यक्ष मायावती 27 अगस्त को पटना में लालू की रैली में शामिल नहीं होंगी।

फर्जी ट्वीटर एकाउंट था

-बसपा की ओर से महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस ट्वीटर हैंडल से पोस्टर को जारी किया गया था, वह बसपा का ऑफिशियल ट्वीटर एकाउंट नहीं है। 
-यह एक फर्जी ट्वीटर एकाउंट है। इस एकाउंट को बंद कर दिया गया है। 

रैली से पहले आया पोस्टर विवाद

-यह पोस्टर 27 अगस्त को पटना में राजद की ओर से बुलाई गई गैर-एनडीए दलों की रैली से एक सप्ताह पहले जारी किया गया। 
-मजे की बात ये है कि इसमें अखिलेश यादव भी हिस्सा लेंगे। बसपा की ओर से बताया गया कि पार्टी अध्यक्ष मायावती रैली में शामिल नहीं होंगी। 
-मायावती के नहीं शामिल होने से विपक्ष को तगड़ा झटका लगेगा। बसपा ने पहले रैली में भाग लेने की बात की थी।
-बसपा का कहना है कि बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की ओर से राज्यसभा सीट ऑफर करने तक ही बात सीमित थी।
-मायावती ने पिछले महीने राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया था। वे गुजरात में 1 सितंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली में हिस्सा लेने वाली हैं, जहां इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।