108 वर्ष की बुजुर्ग महिला का हुआ ब्रेन हैमरेज का आपरेशन , गिनीज बुक मे नाम होगा दर्ज

एनएनआई   (राजस्थान)    उम्र की चाहत लोगो को लम्बे समय तक जिन्दा रखती हैजो सच दिखाया है एक बुजुर्ग महिला ने ।  राजस्थान की राजधानी पिंक सिटी यानी जयपुर चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम छू रहा है। हाल में यहां के IBS अस्पताल में 108 वर्षीय बुजुर्ग महिला के सिर का ऑपरेशन कर दो क्लॉट को निकाला गया है। अब इस दुर्लभ केस को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए डॉ कमल भिजवाएंगे।

कोमा में जा चुकी 108 वर्षीय रमोली देवी को बाइलेट्रल एक्यूट क्रॉनिक सबड्यूरल एनाटोमा डिजीज थी। IBS अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ कमल गोयल ने इस 108 वर्षीय महिला का ऑपरेशन बिना एनीस्थीसिया के बेहोश किए ही किया। ऑपरेशन के बाद अब रमोली देवी बिल्कुल स्वस्थ हैं। डॉ गोयल ने बताया कि इस दुर्लभ केस को गिनीज बुक रिकॉर्ड में 103 वर्ष की महिला के जोडों का ऑपरेशन दर्ज है

करौली निवासी रमोली देवी को 4 अक्टूबर को ब्रेन हेमरेज हुआ था। जहां से उन्हें एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां कुछ इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। 6 अक्टूबर को वे फिर बेहोश हो गई। रमोली देवी के चार बेटियां हैं और उनकी सबसे छोटी बेटी ने ही उनका इलाज जयपुर के IBS अस्पताल में करौली से लाकर कराया। बेटी के पति मोहर लाल जो कि रियाध में सर्विस करते हैं वे भी रियाध से जयपुर आए और अपनी सास की तिमारदारी की। जो इस बात का भी सबूत है कि आज के दौर में जो लोग केवल बेटे की चाहत में बेटियों की भू्रण हत्या कराते हैं वे यह देख लें कि किस प्रकार एक बेटी और उसके जमाता ने अपनी मां का इलाज खुद कराया और मां को 108 वर्ष की उम्र में भी स्वस्थ कर दिया

रमोली देवी की याददाश्त भी दुरूस्त है और वे कहानी किस्से भी खूब सुनाती हैं। खुद रमोली देवी ने ETV को किस्से सुनाए। आज के इस दौर में अब बेटियां बेटों से कम नहीं पडती हैं। 108 वर्ष की उम्र में अपनी मां की तिमारदारी के लिए विदेश जाने के बजाय यहीं रहकर इलाज कराना और फिर डॉ कमल गोयल द्वारा बिना बेहोश किए इस दीर्घायु में किसी बुजुर्ग महिला ऑपरेशन कर उन्हें बिल्कुल स्वस्थ कर देना किसी आश्चर्य से कम नहीं है