आतंकियों की तलाश में 16 साल का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन, 4000 जवान रहे शामिल

श्रीनगर.कश्मीर में गुरुवार को आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना ने 20 गांवों में घेराबंदी कर एक ऑपरेशन चलाया। ब्रिगेड स्तर की यह सर्च 16 साल में सबसे बड़ा ऑपरेशन है। विशेषज्ञों के मुताबिक पिछली बार 2001 में ऐसा ऑपरेशन चलाया गया था। श्रीनगर से करीब 50 किलोमीटर दूर शोपियां जिले में चलाए इस ऑपरेशन में लगभग 4000 सैनिकों की तैनाती की गई थी। ये ऑपरेशन आतंकियों की खोज के लिए चलाया गया था। सुरक्षा बल सुरक्षाकर्मियों की हत्या, हथियार छीनने तथा बैंक डकैतियों की घटनाओं में शामिल आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं।
ऑपरेशन क्लीन अप बुधवार रात से चलाया गया था जो 12 घंटे तक जारी रहा। सुरक्षाबलों ने इस दौरान हर घर की तलाशी ली। इसमें हेलिकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया। इस दौरान दो जगहों पर स्थानीय लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया।सुरक्षाबलों ने गांव के लोगों को एक जगह इकट्ठा होने को कहा और फिर हर घर की तलाशी ली। पूरे इलाके को छानने के बाद सेना के दोबारा रिवर्स स्वीप के जरिए इलाके में खोजबीन की ताकी कोई आतंकी बचकर न निकले। शोपियां और पुलवामा में सबसे ज्यादा बैंक लूट की घटनाएं हुई हैं। बुधवार रात शोपियां पुलिस स्टेशन से आतंकी पांच सर्विस राइफल लूट कर ले गए थे। जिसमें इंसास और एके47 शामिल हैं।
पिछले सात महीनों में बैंक लूटने की 13 घटनाएं
आतंकवादियों ने बैंक, एटीएम और बैंक वेन से पिछले सात महीनों में 1 करोड़ से ज्यादा रुपए लूटे हैं। ऐसी 13 घटनाएं केवल दक्षिण कश्मीर में हुई हैं। सबसे ज्यादा टारगेट बने हैं पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां और बडगाम जिले के बैंक। हाल ही में आतंकियों के एक बड़े ग्रुप का वीडियो सोशल मीडिया पर आया था। सुरक्षाबलों का मानना है कि ये वीडियो शोपियां में ही शूट किया गया था। गौरतलब है कि कश्मीर में 22 सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद प्रॉक्सी सर्वर के जरिए कश्मीर में इन साइट्स का इस्तेमाल जारी है। गौरतलब है कि इसी इलाके दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी उमर मजीद की सूचना देने वाले के लिए 10 लाख रुपए के ईनाम की भी घोषणा की है। मजीद ने ही सोमवार को कुलगाम में पांच पुलिसकर्मियों और बैंक के दो सुरक्षाकर्मियों समेत हुई सात लोगों की हत्या की साजिश रची थी।
सर्च ऑपरेशन से लौट रही सेना की टीम पर आतंकी हमले में तीन सैनिक घायल
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में गुरुवार शाम सुरक्षा बलों पर हुए एक आतंकवादी हमले में दो सुरक्षाकर्मियों और एक नागरिक के घायल होने की खबर है। ये हमला उस वक्त हुआ जब एक रात पहले से जारी सर्च ऑपरेशन से सेना की टुकड़ी लौट रही थी। शोपियां के इमाम साहिब इलाके में हुए इस हमले में एक नागरिक भी घायल है। किल्लोरा गांव में 62वीं राष्ट्रीय रायफल्स की टीम पर यह आंतकवादी हमला किया गया।

कैसे चलाते हैं ब्रिगेड स्तर का ऐसा सर्च ऑपरेशन
इस तरह के सर्च ऑपरेशन 90 के दशक में चलाए जाते थे। लगभग 100 जवानों की टुकड़ी एक छोटे गांव के लिए तैनात की जाती है। इसके अलावा 30-50 जवानों को अलग-अलग जगह पर तैनात किया जाता है। इन जवानों के साथ कुछ मेडिकल टीमें और कुछ एडमिनिस्ट्रेटिव टीमें भी होती हैं। जो इलाके में स्थानीय लोगों को दवाइयां, बिस्किट या फिर बेबी फूड जैसा जरूरी सामान बांटती हैं। इस टीम में सेना के साथ सुरक्षाबल और पुलिस भी शामिल होती है। खास तौर पर महिला पुलिस जवानों को इस तरह के सर्च ऑपरेशन में ले जाया जाता है। कुल मिलाकर 2000 से 4000 जवान इस पूरे ऑपरेशन में शामिल होते हैं।
सोपोर में उपद्रव के बाद बंद
उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों के साथ छात्रों की झड़प के बाद इलाके में सभी दफ्तर और दुकानें बंद कर दी गईं। उपद्रव तब शुरू हुआ जब हायर सेकंडरी स्कूल सोपोर के बच्चे सड़कों पर उतर आए और पुलवामा में छात्रों से झड़प में शामिल सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इन छात्रों को जब रोका गया तो ये पत्थरबाजी करने लगे। सुरक्षाबलों को आंसूगैस का प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद कई घंटे ट्रैफिक भी बंद रहा।
सेना प्रमुख बोले- काम करने के बाद बताएंगे
कश्मीर में घेरेबंदी कर सर्च ऑपरेशन हालात को काबू में करने के लिए चलाया गया है। हाल ही में कई सारी बैंक लूटने और पुलिसकर्मियों की हत्या की जो घटनाएं हुई हैं। बर्फ पिघल रही है जिसके चलते आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं। हम एहतियातन सुरक्षा पुख्ता करने के लिए ये कदम उठा रहे हैं।