मोगा पुलिस का शर्मनाक चेहरा आया सामने

एन.एन.आई। मोगा पुलिस की गुण्डागर्दी आई सामने, अमृतधारी महिला की रात के 11 बजे बिना महिला पुलिस के घर जाकर की पिटाई | गुरसिख महिला ने लगाये बेअदबी करने के दोष, मीडिया के आगे पुलिस वाले ने माना के वह रात के 11 बजे ज़मीनी विवाद के चल रहे केस में कोर्ट में चलान पेश करने के लिए इत्लाह देने गए थे, यह कोण सी इत्लाह है जो रात को 11 बजे 4 पुलिस कर्मचारियों की तरफ से दी जाती है | और जब इस मामले में पीडित महिला का बयान लेने पहुंचे पुलिस मुलाजिम चमकौर सिंह तो महिला ने कहा की उन चारो में से यह भी एक है जिसके द्वारा मेरी पिटाई की गयी अथवा नबालिग बेटे पर नशीला पाउडर डालने की धमकी दी गयी थी | खास बात यह रही की जिस कर्मचारी पर महिला  ने पिटाई के आरोप लगाये है वही पुलिस मुलाजिम पीडित महिला का बयान लेने आ पहुंचा, जब मीडिया कर्मियों ने पुलिस वाले से पूछा  की आप रात 11 बजे महिला के घर गए थे तब भड़के पुलिस वाले ने कहा के आप कौन है मुझसे पूछने वाले।  

मोगा के गाँव भलुर की रहने वाली परवीन कौर जो मोगा के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज अधीन है जिसने आरोप लगाया है की थानेदार कुलदीप सिंह के साथ उनका प्लाट को लेकर विवाद चल रहा है जिसमे दोनों पार्टियों पर लड़ाई झगडे के तहत मुक़दमे दर्ज है जिसके तहत पुलिस के 4 लोग कल देर रात उनके घर पर 11 बजे के बाद पहुंचे और उनके द्वरा उसके साथ मारपीट की गयी व झूठे केस में फ़साने की बात कही गई हालाँकि इस मामले में जाँच करने और हॉस्पिटल में बयान लेने पहुंचे हेड कांस्टेबल चमकौर सिंह पर भी परवीन कौर ने आरोप लगाये की कल रात उन पुलिस वालो में यह भी शामिल था तो यह हमे कैसे इंसाफ दिलवा सकता है|
 
इस मौक पर पीडित औरत ने बताया की उनका विवादASI कुलदीप सिंह के साथ चलता आ रहा है जिसको लेकर कुलदीप सिंह और पुलिस कर्मचारी देर रात उसके घर आये और उसके साथ मारपीट की साथ ही उसे और उसके परिवार को झूठे केस में फ़साने की बात कही गई और जिसके बाद महिला हॉस्पिटल में दाखिल हो गयी |
 
इस मौके पर पहुंचे जाँच अधिकारी चमकौर सिंह से जब बात करनी चाही तो उन्होंने बताया की इस औरत और कुलदिप सिंह थानेदार के बिच प्लाट का विवाद चल रहा है जिसमे इनका कोई झगडा हुआ था और जिसमे क्रॉस केस हुआ था और हम लोग कल देर रात इनके घर पर इनको मेसेज देने गए थे की वह पंचायत के लोगो के साथ सुबह 10 बजे ठाणे आये ताकि इनके केस का चलान टू कोर्ट किया जा सके और जो यह मारपीट के आरोप लगा रहे है यह सब गलत है।