विधानसभा उपचुनाव मे भी दिखा मोदी मैजिक ,BJP गद्गद

एन.एन.आई। आठ राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनावों के नतीजों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मनोबल और बढ़ गया है। 10 में से 5 सीटें BJP के खाते में गई हैं। विपक्ष के पाले से उसने दो सीटें अपने कब्जे में कर ली हैं और लेफ्ट पार्टी को पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्ष की भूमिका से हटाकर तीसरे नंबर पर धकेल दिया है। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि कर्नाटक की दो सीटें और मध्य प्रदेश की एक सीट बचाने में वह कामयाब रही।

चुनाव के नतीजे संकेत हैं कि BJP का विजय मैराथन अभी जारी है। कई नगरपालिका चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इतनी बड़ी जीत हासिल करके सीटों के मामले में दूसरे नंबर की पार्टी होने के बावजूद गोवा और मणिपुर में सरकार बनाकर BJP शायद अपने सबसे कामयाब दौर से गुजर रही है। विधानसभा उपचुनाव की बात करें, तो पार्टी ने असम और राजस्थान में एक-एक सीट जीती और मध्य प्रदेश में अपनी एक सीट बचाने में कामयाब रही। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बाद BJP दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है। वहीं दिल्ली में उसे सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर जोरदार जीत हासिल हुई है। हिमाचल प्रदेश की भोरांज सीट को बचाने में भी पार्टी कामयाब हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट कर 'विकास और सुशासन पर भरोसा जताने के लिए' मतदाताओं का धन्यवाद किया।

इन नतीजों से BJP ने अनुमान लगाया है कि गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने और इसकी राज्य सरकारों द्वारा लिए गए फैसलों का जनता में अच्छा संदेश गया है। माना जा रहा है कि ऐंटी-रोमियो स्क्वॉड को भी बहुसंख्यक जनता हाथोहाथ ले रही है। राजस्थान के धौलपुर की जीत BJP के लिए काफी अहमियत रखती है। BJP ने यहां बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एक पूर्व विधायक की पत्नी को खड़ा किया था और यह फैसला उसके हक में गया। हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। वहां उपचुनाव जीतकर BJP का हौसला बढ़ गया है। यहां कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार सत्ता में है। वीरभद्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। BJP को उम्मीद है कि वह यहां भी बड़ी जीत हासिल कर सकती है। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा की जीत बताती है कि शायद जनजातीय कानूनों में बदलाव करने की BJP की कोशिशों से उसे नुकसान पहुंचा है।

कंठी दक्षिण की सीट पर जीत हासिल करके तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल पर अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दिया है। इस सीट पर BJP वोट हासिल करने के मामले में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसे 30 फीसद वोट मिले हैं। यह संकेत है कि पश्चिम बंगाल में लेफ्ट पार्टी को पीछे कर BJP तेजी से उसकी जगह ले रही है। इस सीट पर लेफ्ट को महज 10 फीसद वोट ही मिले। मालूम हो कि इस उपचुनाव से पहले रामनवमी के मौके पर हिंदुत्व संगठनों ने बंगाल में खूब जोर-शोर से कार्यक्रम किया था और इन आयोजनों के द्वारा अपनी ताकत का प्रदर्शन भी किया। यहां सांप्रदायिक हिंसा के कुछ मामलों के कारण भी माहौल काफी गर्म बना हुआ था। कुल मिलाकर BJP को अपने लिए स्थितियां और मजबूत होती दिख रही हैं। उसका विजय रथ फिलहाल आगे ही बढ़ता नजर आ रहा है।