दिग्गजों के जमावड़े में कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने ली पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ

चंडीगढ़ः पंजाब में कांग्रेस नेता कैप्‍टन अमरेंद्र सिंह ने अाज मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। उनके बाद सर्वाधिक चर्चित नाम नवजोत सिंह सिद्धू कैबिनेट मंत्री बने। उन्‍होंने ब्रह्म मोहिंद्र के बाद दूसरे नंबर पर कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। इनके अलावा, मनप्रीत सिंह बादल, साधु सिंह, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, परगट सिंह, रजिया सुल्ताना, ओपी सोनी समेत कई नव निर्वाचित विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। कैप्‍टन अमरेंद्र सिंह राज्‍य के 26वें मुख्‍यमंत्री बने। पंजाब के राज्यपाल वी.पी.सिंह बदनौर ने राजभवन  सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ  ग्रहण करवाई।  विधानसभा में कांग्रेस के 77 विधायक हैं। इस मौके पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ,कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी,राज बब्बर,नवीन जिंदल,राजीव शुक्ला ,ज्योति राज सिंधिया,प्रताप बाजवा अादि सहित कई दिग्गज नेता पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह की सरकार को सत्ता संभालते ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इनमें से सबसे अधिक गंभीर दिन-प्रतिदिन गहराता आर्थिक संकट है। इसके अलावा आर्थिक विकास की धीमी गति, युवा वर्ग में बेरोजगारी, नशों की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। सरकारी तौर पर उपलब्ध करवाए गए आंकड़ों के अनुसार पंजाब पर इस समय 1.25 लाख करोड़ से भी अधिक का कर्ज है। यह कर्ज कई वर्षों से लगातार बढ़ता चला जा रहा है।

हालांकि अकाली-भाजपा सरकार ने कई बार इस पर काबू पाने के लिए प्रभावशाली कदम उठाने के दावे किए हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं हुआ। आलम यह है कि पुराने कर्जों पर ब्याज को वापस करने के लिए नए कर्जे लेने पड़ते हैं। रोजमर्रा के खर्च चलाने तथा सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी सरकारी संपत्तियों व भवनों को विभिन्न वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखना पड़ रहा है। बादल सरकार के पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान पंजाब का कर्ज लगभग दोगुना हो गया है। केवल वर्ष 2009-10 में राज्य सरकार ने करों तथा अन्य साधनों के जरिए 12,317 करोड़ रुपए एकत्रित किए जो 2008-09 में लिए गए 12,500 करोड़ रुपए के कर्ज से कुछ ही कम हैं, लेकिन इसके बाद राज्य के कर्ज में लगातार वृद्धि होती रही।    
सत्ता संभालते ही कैप्टन सरकार के सामने होंगी ये चुनौतियां
कर्ज की दर 
रिजर्व बैंक ऑफ  इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 में पंजाब का वार्षिक बजट ग्रॉस स्टेट डोमैस्टिक प्रोडक्शन (जी.एस.डी.पी.) का 31.4 प्रतिशत है। देश भर में पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब पर सबसे अधिक कर्ज है। पश्चिम बंगाल में 2015-16 में कर्ज का जी.एस.एस.टी. से अनुपात 32.9 प्रतिशत है। 
कृषि क्षेत्र 
2015-16 में पंजाब के कृषि क्षेत्र में विकास दर राष्ट्रीय दर से अधिक रहने की आशा है लेकिन प्रदेश में एवरेज फार्म का आकार 3.9 हैक्टेयर से कम हो कर 3.7 हैक्टेयर रह गया है। इसके चलते युवा वर्ग अब खेतीबाड़ी में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहा। 
बेरोजगारी
युवा वर्ग में बेरोजगारी की समस्या बहुत गंभीर है। 18 से 19 वर्ष आयु के युवाओं में बेरोजगारी 16.6 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय दर 10.2 प्रतिशत से कहीं अधिक है। 
बंद फैक्टरियां 
2007 और 2014 के बीच पंजाब में 18,770 फैक्टरियां बंद हो गई हैं। 8053 बंद फैक्टरियां केवल अमृतसर में ही हैं। कृषि क्षेत्र को बिजली-पानी जैसी फ्री सुविधाएं दिए जाने पर प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपए की सबसिडी दिए जाने जैसे बोझ ने भी प्रदेश को गहरे आर्थिक संकट में धकेलने में अपना योगदान दिया है। 
नशों की समस्या
एक सर्वे के अनुसार पंजाब में कुल 8,60,000 व्यक्ति अफीम या इससे जुड़े ड्रग्स का सेवन करते हैं। नशों के आदी 80 प्रतिशत व्यक्तियों ने नशा छोडऩे का प्रयास किया है। उनमें से केवल 35 प्रतिशत को ही सरकार की ओर से कोई सहा