कोयंबटूर में112 फीट की प्रतिमा के अनावरण के बाद बोले मोदी- योग जिव्हा से शिवा तक का सफर है

एनएनआई कोयंबटूर:- 'योग जिव्हा से शिवा तक का सफर है। जीव से शिव तक की यात्रा ही योग है और भारत ने ही दुनिया को योग तोहफे में दिया है।' यह बात शुक्रवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने महाशिवरात्रि के मौके पर यहां के ईशा योग केंद्र में शिव की 112 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कही। मोदी ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ मंदिर की परिक्रमा की। इस जगह को ‘ध्यानलिंगा’ कहा जाता है। प्रतिमा को पत्थर की जगह स्टील के टुकड़े जोड़कर देसी तकनीक से तैयार किया गया है। नंदी की प्रतिमा को भी तिल के बीज, हल्दी, भस्म और रेत-मिट्टी से बनाया गया है।

 

दो लाख लोगों ने की शिरकत

 

-इस कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों ने शिरकत की। संतों ने मंत्रोच्चारण भी किया।

-पीएम ने यहां शिवलिंग की आरती की। इस दौरान मंत्रोच्चारण जारी रहा। मोदी ने यहां पंचभूत आराधना भी की।

-प्रोग्राम में तमिलनाडु के नए सीएम पलानीसामी और केरल की गवर्नर किरण बेदी भी मौजूद थीं।

-भगवान शिव को आदियोगी या दुनिया का पहला योग गुरू भी कहा जाता है।

 

'मैं जहां जाता हूं वहां शिव मेरे साथ होते हैं'

 

-कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि 'वासुदेव जी और बाकी लोगों का शुक्रिया जो मुझे यहां बुलाया।' 

-उन्होंने कहा कि 'कई देव हैं, लेकिन शिव को महादेव कहा जाता है।' 

'-कई मंत्र हैं, लेकन शिव के मंत्र को महामृत्युंजय मंत्र कहा जाता है।' 

-'कई रात्रि हैं, लेकिन शिव की इस रात को महाशिवरात्रि कहा जाता है।'

-पीएम ने कहा कि 'मैं सोमनाथ की धरती से हूं।' 

-'लेकिन राजनीति ने मुझे सोमनाथ से विश्वनाथ यानी काशी तक पहुंचाया।'

-उन्होंने कहा कि 'मैं जहां जाता हूं वहां शिव मेरे साथ होते हैं।'

 

'यहां आकर लोग शिवमय हो जाएंगे'

 

-पीएम ने कहा कि 'सदियों से शिव के अनगिनत भक्त हैं।' 

-'उनकी अलग भाषाएं हैं, लेकिन उनकी आस्था सिर्फ शि‌व हैं।'

-मोदी ने कहा कि 'आने वाले वक्त में यहां जहां हम इकट्ठे हुए हैं।'

-'ये स्थान लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।'

-'यहां आकर लोग शिवमय हो जाएंगे।'

-उनहोंने कहा कि 'आज योग बहुत दूर निकल चुका है।' 

-'पश्चिम में भी योग अपनाया जा चुका है।'

-'योग जिव्हा से शिवा तक का सफर है।'

-'योग से व्यक्ति समस्ति तक पहुंचता है। यही योग है। अनेकता में एकता भारत की पहचान है।'