शशिकला के CM बनते ही तामिलनाडु लिखेगा नया कीर्तिमान, जानये कैसे

एनएनआई तामिलनाडु:- शशिकला नटराजन तमिलनाडु की CM बनती हैं तो नया इतिहास लिखा जाएगा, तमिलनाडु पहला ऐसा देश का राज्य होगा जिसे सबसे अधिक महिला सीएम मिलीं,

तमिलनाडु में शशिकला नटराजन को अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्ना द्रमुक) के जरिए विधायक दल का नेता चुना गया है. ओ पन्नीरसेल्वम ने भी रविवार को मुख्यमंत्री पद छोड़ते हुए अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया.

इस घटनाक्रम के बाद शशिकला का सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है. ऐसा होने के बाद शशिकला तमिलनाडु की तीसरी महिला सीएम बन जाएंगी, जो भारतीय इतिहास में पहली बार होगा.

महिला सीएम के मामले में तमिलनाडु इससे पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली के साथ पहले स्थान पर था, जहां दो बार महिला राजनेता मुख्यमंत्री का पद संभाल चुकी हैं.

 

सुचेता कृपलानी और मायावती ने संभाली यूपी की कमान

 उत्तर प्रदेश को पहली महिला सीएम भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनीतिज्ञ सुचेता कृपलानी के रूप में मिली. वो भारत में किसी राज्य की कमान संभालने वाली प्रथम महिला राजनेता भी थीं. 1963 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने यूपी सीएम का कार्यभार संभाला जो 1967 तक चला 1971 में सुचेता कृपलानी ने राजनीति से संयास ले लिया

यूपी को दूसरी महिला सीएम 1995 में मायावती के रूप में मिली. 3 जून 1995 से 18 अक्टूबर 1995 तक मायावती का कार्यकाल रहा इसके बाद वे 21 मार्च1997 से 20 सितंबर 1997 तक प्रदेश मुखिया रहीं.

2002-2003 के दौरान भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में मायावती फिर से मुख्यमंत्री चुनी गईं इसके बाद भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिससे मायावती सरकार गिर गई 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती फिर से सत्ता में लौट आईं और 2012 तक सत्ता संभाली

सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित रहीं राजधानी की सीएम

दिल्ली को अपनी पहली महिला सीएम सुषमा स्वराज के रूप में मिलीं, जिन्होंने 12 अक्टूबर 1998 को मुख्यमंत्री पद संभाला. हालांकि, विधानसभा में भाजपा को मिली करारी हार के बाद 3 दिसंबर 1998 को सुषमा स्वराज ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

इसके बाद 1998 में शीला दीक्षित दिल्ली की सीएम बनीं. उन्होंने 15 साल तक दिल्ली के दिल पर राज किया और मुख्यमंत्री के पद पर बनीं रहीं.

ये बनीं तमिलनाडु की प्रमुख

तमिलनाडु में एक दशक तक सीएम रहने के बाद एम. जी. रामचन्द्रन का निधन हो गया. मृत्यु के कुछ घंटों बाद ही उनकी पत्नी जानकी ने जयललिता को पार्टी से अलग करने के इरादे से बड़ा कदम उठाया.

उन्होंने एआईएडीएमके के सीनियर लीडर्स की मदद लेकर खुद को रामचन्द्रन का उत्तराधिकारी घोषित करवा दिया. पार्टी दो हिस्सों में बंट गई, जिसके बाद जानकी 1989 में तमिलनाडु की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं.

हालांकि, महज 22 दिन सीएम रहने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. 1991 में जयललिता तमिलनाडु की सीएम बनीं और पांच साल तक मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला 1996 में मिली हार के बाद 2001 में जयललिता ने दूसरी बार महिला सीएम के रूप में वापसी की इसके बाद उन्होंने 2011 और फिर 2015 में भी विधानसभा चुनाव बहुमत से जीता

अब तमिलनाडु को तीसरी बार शशिकला के रूप में महिला मुख्यमंत्री मिलने जा रही हैं. वो बुधवार या गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं.