ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने आज गोवा जाएंगे पीएम मोदी, पुतिन व जिनपिंग के साथ करेंगे वार्ता

गोवा में 16 अक्‍टूबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गोवा जाएंगे। गोवा में 15-16 अक्टूबर को आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदारी करने के साथ-साथ पीएम मोदी भारत के सामरिक और आर्थिक मजबूती के लिए अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात भी करेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन गोवा में ब्रिक्स समिट से इतर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस दिन 39 हजार करोड़ रुपए वाली इस डील पर दस्तखत किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी गोवा में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले 15 अक्टूबर को पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस मौके पर भारत की ओर से मसूद अजहर और आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना है। वहीं चीन से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सदस्यता के मुद्दे पर वार्ता होने की संभावना है। चीन द्वारा हाल ही में इस मुद्दे पर भारत के लिए नरम रुख देखने को मिला है। संभावना यह भी है कि भारत ब्रम्हपुत्र की सहायक नदियों के जल के स्वतंत्र प्रवाह पर वार्ता कर सकता है।

गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने गुरुवार को कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गोवा पहुंचेंगे। मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान एक ही रिसॉर्ट में रुकेंगे। पारसेकर ने कहा कि गोवा में पांच देशों के प्रमुख आएंगे, जिसकी कुल आबादी दुनिया की कुल आबादी की 42 फीसदी है। इससे गोवा ब्रांड को इन देशों के लोग जानेंगे. शिखर सम्मेलन के अंत में ब्रिक्स देश गोवा घोषणापत्र जारी करेंगे, जिसे पूरी दुनिया का मीडिया कवर करेगा।

गोवा में 16 अक्तूबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रक्षा, सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश सहित कई मुद्दों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक विस्तृत द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। हाल में रूस..पाकिस्तान के बीच पहला सैन्य अभ्‍यास स होने के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच बैठक हो रही है। यह बैठक ऐसे समय भी हो रही है जब भारत बड़े पैमाने पर रक्षा आधुनिकीकरण के तहत पुराने रूसी साजो सामान की जगह स्वदेश और अन्य राष्ट्रों से आधुनिक उपकरणों को रख रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि द्विपक्षीय बैठक में रक्षा, सुरक्षा, क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा व्यापार और निवेश सहयोग पर चर्चा होगी। जिन सर्वाधिक महत्वपूर्ण रक्षा सौदों पर फिलहाल चर्चा हो रही है उसमें 5 एस-400 लंबी दूरी की हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली, कामोव.28 हेलीकॉप्टर और सुखोई 30-एमकेआई का उन्नयन भी शामिल है। अन्य परियोजना, जिन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा वह पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान (एफजीएफए) का लंबे समय से लंबित संयुक्त विकास है। रूस से अकुला श्रेणी की पनडुब्बी भी भारत पट्टे पर लेने पर विचार कर रहा है।