बीएसएफ ने रावी नदी से पकड़ी पाकिस्तानी नाव, जांच जारी

चंडीगढ़ : गुजरात के पोरबंदर में मिली पाकिस्तानी नाव के बाद बीएसएफ ने पंजाब में एक ओर नाव पकड़ी है. ये नाव अमृतसर के खासा पोस्ट इलाके से बीएसएफ को मिली है जिसकी जांच फिलहाल जारी है. बीएसएफ ने इस नाव को रावी नदी में तोतगुरु पोस्ट के पास देखा और अपने कब्जे में ले लिया. यह नाव खाली बतायी जा रही है.

आपको बता दें कि 30 सितंबर को केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को एक इंटेलिजेंस इनपुट भेजा है जिसके मुताबिक पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने की भरपूर कोशिश में लगा हुआ है और वो त्योहारों के दौरान रिहायशी इलाकों को निशाना बना सकता है. ऐसे में इस नाव का मिलना एक गंभीर संकेत की ओर इशारा कर रहे हैं. केंद्र सरकार के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूबे की सरकार ने केंद्र सरकार से पैरामिलट्री फोर्सेज की 15 कंपनियां भी मांगी है जिन्हें पंजाब पुलिस के साथ बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जा सके.

एमएसी की चेतावनी

एलओसी पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया है और भारत पर हमले करने का कोई तरीका नहीं छोड़ना चाहता है. यहीं कारण है कि सीमा से लगे भारत के सभी राज्य हाई अलर्ट पर हैं. इस बीच सोमवार को मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) ने गुजरात सहित सभी सीमावर्ती राज्यों को चेतावनी जारी की और दो पाकिस्तानी नाव के संबंध में जानकारी दी. एमएसी ने कहा है कि पाकिस्तान के कराची से निकली दो संदिग्ध नाव गुजरात या महाराष्ट्र की तरफ बढ़ रहे हैं. एमएसी के इंटेलिजेंस इनपुट में नाव की लंबाई-चौड़ाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है, साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि इनमें से एक नाव में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है जबकि दूसरी नाव बिलकुल सही सलामत है. ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि आज पकड़ा गया नाव वही नाव हो सकता है जिसकी जानकारी एमएसी ने दी थी.


रविवार को भी पकड़ा गया था नाव

इससे पहले रविवार सुबह गुजरात तट के निकट एक पाकिस्तानी नौका को पकडा गया. इस पर नौ लोग सवार थे. इस संबंध में रक्षा मंत्रालय की ओर से एक वक्तव्य जारी किया गया जिसके मुताबिक तटरक्षक बल के जहाज समुद्र पावक ने गश्त के दौरान इस नौका को गुजरात तट के निकट रविवार सुबह दस बजकर पंद्रह मिनट पर पकड़ा. इस पर नौ लोग सवार थे जिनसे पूछताछ की जा रही है. प्राथमिक जानकारी के आधार पर ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इस नौका पर सवार लोग पाकिस्तानी मछुआरे हैं.